देह व्यापार वाले होटल सीज

*देह व्यापार कराने वाले तीनों होटल सील, चार कर्मचारी भेजे गए जेल*


 


देवरिया। स्टेशन रोड के तीन होटलों में सोमवार को छापेमारी के दौरान संदिग्ध हाल में महिलाओं-पुरुषों के मिलने के बाद पुलिस ने तीनों होटलों को मंगलवार को सील कर दिया। इनके मालिकों और पकड़े गए चारों कर्मचारियों के विरुद्ध अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया है। उधर, होटल से पकड़े गए 56 पुरुषों-महिलाओं में से 10 के विरुद्ध केस दर्ज कर देर शाम मुचलके पर रिहा कर दिया गया। अन्य 46 को पूछताछ के बाद सुबह ही छोड़ दिया गया था।


सोमवार की दोपहर बाद एएसपी शिष्यपाल, एसडीएम सदर दिनेश मिश्र, सीओ सिटी वरुण मिश्र, सदर कोतवाल यादवेंद्र बहादुर पाल, महिला थाने की इंस्पेक्टर शोभा सिंह सोलंकी ने दल-बल के साथ स्टेशन रोड के इंडिया गेस्ट हाउस, नेशनल पैलेस और सहारा पैलेस में छापेमारी की थी। तीनों होटल से 29 महिलाएं और 27 पुरुष पकड़े गए। पुलिस ने होटलों के चार कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया था। डीएम अमित किशोर, एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र, एएसपी शिष्यपाल और अन्य अधिकारियों ने सभी से अलग-अलग पूछताछ कर जानकारी ली। संतुष्ट होने के बाद पुलिस ने 24 महिलाओं और 22 पुरुषों को छोड़ दिया।


महिला थाने के बाहर लोगों का हुजूम उमड़ा था। सदर कोतवाल यादवेंद्र बहादुर पाल ने पांच महिलाओं, पांच पुरुषों और होटल के चार कर्मचारियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार का केस दर्ज कराया। 10 महिलाओं-पुरुषों को कोतवाली पुलिस ने मुचलके पर छोड़ दिया, लेकिन तीनों होटलों के चार कर्मचारियों नाजिर अहमद निवासी स्टेशन रोड अबूबकरनगर, चंद्रमा प्रकाश तिवारी निवासी बेलावर दुबावर, रामपुर कारखाना, रप्पी कुरैशी निवासी स्टेशन रोड और वकील कुमार गुप्त निवासी बलियवा, रामपुर कारखाना को जेल भेज दिया गया।


एएसपी शिष्यपाल ने बताया कि पांच जोड़ों और होटल के चार कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। पांचों जोड़ों को मुचलके पर छोड़ दिया गया। होटल कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया है। अनैतिक धंधे में लिप्त तीनों होटलों को सील कर दिया गया है।


*महिला थाने के बाहर लगी रही भीड़*
            देवरिया।          


स्टेशन रोड के होटल में छापेमारी कर युवक-युवतियों को पकड़े जाने की खबर कुछ ही देर में जिले में फैल गई थी। पकड़े गए सभी को पुलिस महिला थाने ले गई। सूचना मिलने पर पकड़े गए युवक-युवतियों के परिवार, गांव के लोग और रिश्तेदार पहुंच गए थे।


देर रात तक महिला थाने के बाहर भीड़ लगी रही। जब पुलिस ने पूछताछ के बाद 46 लोगों को छोड़ा तो परिवार और रिश्तेदार लेकर चले गए। शेष लोगों पर कार्रवाई की गई।
कोतवाली में जुटे लोग


देवरिया। पुलिस ने जिन 10 महिलाओं-पुरुषों पर कार्रवाई की, उनके परिवार और गांव के लोग रात से ही जमे रहे। मंगलवार को सभी कोतवाली में अंदर-बाहर पल-पल की रिपोर्ट ले रहे थे। वह जानना चाह रहे थे कि पुलिस क्या कर रही है। इतना तो तो जान चुके थे कि इन पर कार्रवाई तय है। क्योंकि जिन्हें छोड़ना था, महिला थाने से छोड़ दिया गया था। मुचलके पर छोड़े जाने के बाद वे उन्हें लेकर गए।
*कई महिलाओं ने मेडिकल से किया इन्कार*


होटल से पकड़ीं गई महिलाओं को देर रात मेडिकल के लिए जिला महिला अस्पताल लाया गया। सूत्रों के मुताबिक कई महिलाओं ने मेडिकल कराने से साफ इन्कार कर दिया। पहले तो पुलिस ने उन पर दबाव बनाया, मगर बाद में उनके जिद पर अड़े रहने और बालिग होने के कारण बैकफुट पर आना पड़ा।


*कोई कोचिंग के बहाने तो कोई दवा लेने निकला था घर से पुलिस की छापेमारी में पकड़े जाने के बाद हैरान रह गए* *परिवारवाले देते रहे अपने परिवार के सदस्यों के साफ-सुथरा होने की दुहाई*


देवरिया। होटल में छापेमारी के दौरान पकड़ी गईं महिलाओं और पुरुषों से देर रात तक पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने अलग-अलग पूछताछ की। इस दौरान किसी ने कोचिंग के बहाने तो कोई दवा लेने के लिए घर से निकलने की जानकारी दी। उनके पास से बैग, कॉपी-किताब व अन्य सामान भी मिले। थाने पर पहुंचे परिजन उनकी इस करतूत पर शर्मिंदा थे। उन्हें बार-बार कोस रहे थे।


होटल से पकड़े गए ज्यादातर पुरुषों और महिलाओं की उम्र 20 से 35 के बीच की ही रही। उनके पास बैग, पर्स व कॉपी-किताब भी मौजूद थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे कम्प्यूटर, ब्यूटीशियन व प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की कोचिंग करते हैं। घर से यही बताकर निकले थे। महिलाओं ने अपने पास डॉक्टर की पर्ची दिखाते हुए बताया कि वह दवा लेने की बात कह देवरिया आई थीं, मगर होटल में पकड़ ली गईं। वह अब घर कैसे जाएंगी। कई महिलाओं के साथ पकड़े गए पुरुष सदस्य उनके परिवार के ही करीबी रहे। अक्सर आना-जाना होने के कारण घरवालों को भी उनके रिश्ते पर कोई शक नहीं था। पुलिस ने सभी के परिजनों को बुलाकर उनके सामने करतूत बताई। माफी मांगने के बाद उन्हें कड़ी हिदायत के साथ छोड़ा गया। परिजन भी अपने परिवार की महिला और पुरुषों की करतूत पर पुलिस के सामने शर्मसार नजर आए।


*लापता थी बेटी, थाने में मिली*


मंगलवार को शहर से सटे एक गांव निवासी वृद्ध महिला थाने पहुंचा। वह सोमवार की सुबह घर से निकली बेटी के लापता होने की शिकायत लेकर पहुंचा था। पुलिसकर्मियों ने जब उसे होटल से पकड़ी गईं महिलाओं में शिनाख्त करने को कहा तो वह भड़क गया। दलील थी कि उसकी बेटी साफ-सुथरी छवि की है। ऐसा काम नहीं कर सकती। वे उनकी बेइज्जती कर रहे हैं। यह कहते हुए जैसे ही वृद्ध पीछे मुड़ा, बेटी उन्हीं महिलाओं के बीच खड़ी थी। शर्मसार बुजुर्ग की बोलती बंद हो गई। मुंह लटकाकर वह बेटी को लेकर लौट गए।
*मेरठ से कैसे पहुंची युवती*


पुलिस की छापेमारी में पकड़ी गईं 29 महिलाओं में एक मेरठ जिले की रहने वाली है। वह यहां कैसे आई थी, इसके बारे में पुलिस को नहीं जानकारी हो पा रही है। पुलिस उसका नाम और पता तस्दीक कराने में जुटी है। एएसपी शिष्यपाल ने बताया कि मेरठ वाली युवती के बारे में वहां से जानकारी जुटाई जा रही है।


*हेलमेट पहनकर बाहर आए पुरुष*


छापेमारी की कार्रवाई के दौरान पकड़े गए कई पुरुष हेलमेट पहन कर बाहर निकल रहे थे, जबकि महिलाओं ने चेहरे को दुपट्टे से ढक रखा था। पहनावे से ज्यादातर महिलाएं-लड़कियां ग्रामीण क्षेत्र की ही लग रही थीं।


*बालिका गृहकांड की यादें ताजा र्हुइ*


पांच अगस्त की रात स्टेशन रोड पर ही संचालित बालिका गृह पर छापेमारी कर पुलिस ने 23 लड़कियों-महिलाओं को मुक्त कराते हुए देह व्यापार होने का दावा किया था। यह बात दीगर है कि जांच में पुलिस इसे स्पष्ट नहीं कर पाई। इस कार्रवाई के बाद भी यह चर्चा जोरों पर थी कि पुलिस सही ठिकाने तक नहीं पहुंच पाई। तब लोगों का इशारा स्टेशन रोड पर चल रहे इन होटलों की ओर ही था



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