यूपी मंडी परिषद के प्रशासन ने वषों से चल रहे 37, निर्माण खंडों को किया समाप्त::-


यूपी मंडी परिषद के प्रशासन ने वषों से चल रहे 37, निर्माण खंडों को समाप्त करते हुए उनका पुनर्गठन कर उनकी संख्या 19, कर दी है । साथ ही सीएम  को यह संदेश दिया है कि इससे मंडी को हर साल 24 करोड़ रुपए की बचत होगी ? 


अच्छा निर्णय है इसकी तारीफ की जानी चाहिए कि 24, करोड़ की सालाना बचत होगी ।लेकिन इस निर्णय से कई सवाल भी खड़े हो गए हैं ? 


यह निर्माण खंड दस साल से भी ज्यादा समय से मंडी में चल रहे थे । इसका मतलब हर साल 24, करोड़ की बचत तो दस साल में अरबों रुपए मंडी मे खर्च  कर दिए गए । और इस ओर किसी निदेशक का ध्यान नहीं गया ?  मंडी के इस नुकसान की भरपाई अब तक मंडी निदेशक रहे अधिकारियों से वसूली कर की जानी चाहिए ।


 साथ ही कि यह सोच अब तक मंडी के किसी निदेशक के दिमाग मे क्यों नहीं आई। जबकि तमाम मंडी निदेशक हुए जो सीधे आई ए एस, व पीसीएस से प्रोन्नत हो कर आईएएस बने थे । जिससे मंडी को अरबों रूपए की बचत होती ।


बरहाल मौहल गर्म हैआगे , देखिए क्या होता है ?


Popular posts from this blog

अपनी निडरता और क्षत्रिय वंश के कारण की यदुवंशीयों का नाम 'अहीर' यादव.

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के नियमित, संविदा, और सेवा प्रदाताओं के कर्मचारियों सहित सभी 60 हजार कर्मचारियों को अप्रैल माह का पूर्ण वेतन और मानदेय दिया जाएगा:::~~डॉ राजशेखर प्रबन्ध निदेशक

ब्रेकिंग न्यूज़:यूपीएसआरटीसी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुरक्षा बलों हेतु "सुरक्षा उपकरण किट" (1000 फेस मास्क, 1000 दस्ताने और 1000 हैंड सैनिटाइज़र) दान दिये:::---