- रंजीत बच्चन हत्याकांड का खुलासा- रंजीत की हत्या में दूसरी पत्नी स्मृति का हाथ, मास्टरमाइंड दीपेन्द्र और स्मृति में प्रेम सम्बन्ध थे, रणजीत बने रोड़ा,रंजीत को दीपेंद्र, जितेंद्र,स्मृति ने साजिश रचकर मारा:::--सुजीत पांडेय


रणजीत बच्चन हत्याकांड।दूसरा सीसीटीवी आया सामने।बैलिनो गाड़ी से बीजेपी दफ्तर के पास उतरते सीसीटीवी में आया नजर।


यही से शाल ओढ़े शूटर रणजीत बच्चन का पीछा कर पहचा ग्लोब पार्क।ग्लोब पार्क के बाहर हत्या कर हुआ था शूटर फरार।इसी सीसीटीव के सहारे पुलिस पहुची हत्यारे तक।


*रणजीत बच्चन हत्याकांड पर कमिश्नर लखनऊ सुजीत पांडेय का बयान* 2009 से OCR में रह थे मृतक रणजीत .सीन ऑफ क्राइम से 2 खोके और एक बुलेट मिला था -- कमिश्नर लखनऊ


घटना में .32 बोर का वेपने इस्तेमाल हुआ था,कुल 12 टीमो को घटना के खुलासे के लिए लगाया था। इस घटना का कोई टेरर angle नहीं,घटना का पैसे से लेनदेन नही,प्रॉपर्टी विवाद भी नही ।


हर एक पहलुओं पर जांच के लिए टीम  लगाई गई,स्मृति वर्मा सरकारी कर्मचारी है दूसरी पत्नी,2017 में शाहपुर में महिला ने छेड़खानी का मुकदमा दर्ज हुआ था ।


लखनऊ के विकासनगर में भी रणजीत के खिलाफ 3 मुकदमे दर्ज हुए थे,कुल 4 मामले मृतक पर दर्ज थे,स्मृति का एक अन्य शख्श से संबंध थे हक सकता है वो रणजीत की हत्या की वजह हो ।


आरोपी --स्मृति वर्मा ( मेन साजिशकर्ता)
दीपेंद्र - परिचित (एमपी व उत्तर प्रदेश बॉर्डर से गिरफ्तार किया)
संजीत गौतम - परिचित(गाड़ी चलाने वाला)
जितेंद्र  - शूटर (गोली मारने वाला)( अभी फरार )



- रंजीत बच्चन हत्याकांड का खुलासा- पुलिस कमिश्नर सुजीत पाण्डेय ने की प्रेसवार्ता--रंजीत की हत्या में दूसरी पत्नी स्मृति का हाथ, मास्टरमाइंड दीपेन्द्र और स्मृति में प्रेम सम्बन्ध थे, रणजीत बने रोड़ा,रंजीत को दीपेंद्र, जितेंद्र,स्मृति ने साजिश रचकर मारा,लखनऊ में हत्या के बाद ,मुंबई चला गया था दीपेंद्र, लखनऊ लाया जा रहा है...


पुलिस की कड़ी मेहनत के सम्मान में--गृह विभाग से पुलिस टीम को 5 लाख रुपये का ईनाम मिलेगा,शूटर पर 50K का ईनाम पहले से घोषित था ,टोटल ईनाम राशि 550000 ₹...××××××××××××××××××××××××


 


 


 


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