उत्तर प्रदेश में आगामी 22, 23 एवं 24 फरवरी को तीन दिवसीय ‘‘भारतीय भाषा महोत्सव, 2020’’ का आयोजन,भारत के प्रमुख प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित साहित्य की प्रदर्शनी लगाई जाएगी :::-डाॅ0 राजनारायण शुक्ल

भारतीय भाषा महोत्सव, 2020’’ मैं देशभर के भाषायी विशेषज्ञ महोत्सव में करेंगे प्रतिभाग,पुस्तक मेले का भी आयोजन किया जाएगा :::-डाॅ0 राजनारायण शुक्ल।



लखनऊ: 13 फरवरी2020


उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान द्वारा प्रदेश सरकार की भाषा संबंधी योजनाओं एवं क्रियाकलापों को संपादित कर एवं आम जनमानस मंे भाषायी समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से दिनांक 22, 23 एवं 24 फरवरी, 2020 को तीन दिवसीय हिन्दी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में भारतीय भाषा महोत्सव-2020 का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर के मालवीय सभागार, ए0पी0 सेन हाॅल तथा डी0पी0ए0 हाॅल में सम्पन्न होगा। 


यह जानकारी आज यहां उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डाॅ0 राजनाराण शुक्ल ने दी। इन्दिरा भवन स्थित भाषा संस्थान कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान दी। उन्होंने भारतीय भाषा महोत्सव-2020 के आयोजन के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सम्पूर्ण भारतवर्ष एवं विशिष्ट रूप से अहिंदी भाषी क्षेत्रों से लगभग 700 विद्वानों, शोधार्थियों की सहभागिता की संभावना है, जिनमें वरिष्ठ साहित्यकार एवं भाषायी विद्वान मृदुला गर्ग, चित्रा मुद्गल, सूर्यबाला, नीरजा माधव, रजनीश शुक्ल, प्रो0 टी0आर0 भट्ट, प्रो0 शेषारत्नम, कुलदीप अग्निहोत्री, मन्नार वेंकटेश्वर आदि की उपस्थिति कार्यक्रम को शोभायमान करेंगी।


उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ0 सूर्यप्रसाद दीक्षित जी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। इसके साथ ही कार्यक्रम में राजभाषा हिन्दी, देवनागरी, भारतीय भाषाएं, जनपदीय बोलियां, अनुवाद विज्ञान, संचार प्रौद्योगिकी, लोक वाङ्मय, विज्ञान लेखन, कोश विज्ञान, संकलन-संपादन कला, सृजनात्मक लेखन-प्रक्रिया, विश्व हिन्दी, दलित-स्त्री-विमर्श, आदिवासी-दिव्यांग विमर्श, आप्रवासी विमर्श, कम्प्यूटरीकरण, पुराख्यानों का आधुनिकीकरण, समकालीन कविता, कथा साहित्य, नाटक-रंगमंच, शोध-समीक्षा, पाठानुसंधान, अन्तर्विद्यापरक समीक्षा, ज्ञान का साहित्य, आदि विषयांे पर तीस समानान्तर गोष्ठियां आयोजित होंगी। उन्होने कहा कि महोत्सव में पुस्तक मेला का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भारत के प्रमुख प्रकाशकों यथा राजकमल प्रकाशन, प्रभात प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, राजपाल प्रकाशन, किताबघर प्रकाशन, भारतीय ज्ञानपीठ, साहित्य भण्डार, ए0आर0 पब्लिशिंग कंपनी, उत्कर्ष पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स, रोहित बुक स्टाॅल आदि द्वारा अपने प्रकाशित साहित्य की प्रदर्शनी लगायी जाएगी। 


इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ0 सूर्य प्रसाद दीक्षित ने कहा कि इस भारतीय भाषा महोत्सव-2020 में देशभर के विद्वानों को आमंत्रित किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में बोलियों के अस्तित्व पर आ रहे संकट के दृष्टिगत उनके पुनर्जीवन पर भी मंथन किया जायेगा। 


कार्यक्रंम, संयोजक प्रो0 योगेन्द्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष, हिन्दी तथा आधुनिक भारतीय भाषा विभाग तथा आयोजन सचिव प्रो0 पवन अग्रवाल, हिन्दी विभाग द्वारा संपादित किया जाएगा।  


 


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