मौसम की मार से कराह उठे है किसान: एनसीपी  उत्तर प्रदेश इकाई


लखनऊ। मौसम की मार से किसान कराह रहे हैं। कोरोना संक्रमण, लाॅकडाउन औ गेहूं तेलहन, दलहन की फसलों की नुकसान के बाद, 10 मई को आसमान से बरसी आफत ने किसानों को झकझोर कर रख दिया है। फसलों की बर्बादी के बाद मुआवजे को ले सरकार की ढुलमुल नीति से किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है। प्रदेश की योगी सरकार पीड़ित किसानों की जो मदद कर रही है वह ऊंट के मुंह में जीरा है। यह जानकारी देते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमाशंकर यादव ने दी है।




लखनऊ। श्री यादव ने बताया कि प्रकृति की मार से किसान कराह उठे हैं। पहले कोरोना और लाॅकडाउन ने किसानों की कमर तोड़ दी तो वहीं भारी बारिश से रबी फसल बर्बाद हो गई है जिसके चलते किसानों के घर अनाज आने की संभावना क्षीण हो गई है। अब तो किसानों का लागत मूल्य भी निकलने वाला नहीं है। इन सब के बावजूद अभी तक किसानों की क्षति का आकलन करने खेतों तक एक भी सरकारी कर्मी नहीं गया। श्री यादव ने सरकार से मांग की है कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए फसल नुकसान का आकलन कर समुचित मुआवजा दिया जाय। नहीं तो सरकारी अनुदान सिर्फ खानापूर्ति व जले पर नमक छिड़कने के बराबर होगा।








धन्यवाद
उमाशंकर यादव
कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष/ वरिष्ठ उपाध्यक्ष
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, उत्तर प्रदेश







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