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मुख्यमंत्री ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘मिशन शक्ति’ के अन्तर्गत विभिन्न परियोजनाओं के शुभारम्भ/शिलान्यास एवं अलग-अलग क्षेत्रों की अग्रणी महिलाओं के संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित किया

केन्द्र व राज्य सरकार नारी की गरिमा, सम्मान व सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध, इसके लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही: मुख्यमंत्रीनारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन के लिए सरकार, समाज व परिवार को सम्मिलित रूप से सक्रिय और सचेत प्रयास करना होगा समाज को व्यापक जागरूकता तथा सरकार को त्वरित निर्णय लेकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा

मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन की शुरुआत संस्कृत श्लोक राष्ट्रस्य श्र्वः नारी अस्ति।’ अर्थात नारी राष्ट्र का भविष्य (कल) है, से कई नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन से स्वतः ही उनका सशक्तीकरण होगाआज से ‘मिशन शक्ति’ के द्वितीय चरण का शुभारम्भ हो रहा मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ 13 लाख 25 हजार रु0 की लागत से निर्मित 13 बालिका छात्रावासों तथा 15 करोड़ 10 लाख 79 हजार रु0 की लागत से निर्मित 04 राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज का लोकार्पण किया

मुख्यमंत्री ने 11 महिलाओं को ‘मिशन शक्ति पुरस्कार’ से सम्मानित किया, मा0 उच्चतम न्यायालय की मा0 न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती ज्ञान सुधा मिश्रा द्वारा 18 पुलिस परिक्षेत्रीय कार्यालयों में महिला साइबर क्राइम सेल तथा 18 परिक्षेत्र के जनपदों में थाने के समकक्ष एक-एक महिला पुलिस चौकी-परामर्श केन्द्र का लोकार्पण किया गया, इण्डियन बैंक की सी0ई0ओ0 एवं प्रबन्ध निदेशक सुश्री पद्मजा चुन्दुरु ने ‘सेफ सिटी परियोजना’ के अन्तर्गत लखनऊ सिटी में स्थापित 45 पिंक बूथ, 18 पिंक शौचालय तथा 660 स्ट्रीट लाइट का लोकार्पण एवं नवीन आशा ज्योति केन्द्र भवन का शिलान्यास किया

लखनऊ: 08 मार्च, 2021

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि केन्द्र व राज्य सरकार नारी की गरिमा, सम्मान व सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन के लिए सरकार, समाज व परिवार को सम्मिलित रूप से सक्रिय और सचेत प्रयास करना होगा। समाज को व्यापक जागरूकता तथा सरकार को त्वरित निर्णय लेकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने सभी सामाजिक, व्यावसायिक एवं स्वयंसेवी संगठनों से नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन के साथ जुड़कर उनके सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान भी किया।

मुख्यमंत्री जी आज यहां इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ‘मिशन शक्ति’ के अन्तर्गत विभिन्न परियोजनाओं के शुभारम्भ/शिलान्यास एवं अलग-अलग क्षेत्रों की अग्रणी महिलाओं के संवाद कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 22 करोड़ 13 लाख 25 हजार रुपये की लागत से निर्मित 13 बालिका छात्रावासों तथा 15 करोड़ 10 लाख 79 हजार रुपये की लागत से निर्मित 04 राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज का लोकार्पण किया गया। उन्होंने 11 महिलाओं-श्रीमती रंजना द्विवेदी, सुश्री सीता कुंवर, कु0 स्नेहा त्यागी, सुश्री कुसुम, श्रीमती मानमती, श्रीमती सुनीता, सुश्री आरती, सुश्री प्रियंका राय, श्रीमती रेनू यादव, श्रीमती सोनी तथा श्रीमती संतोष कुमारी को ‘मिशन शक्ति पुरस्कार’ से सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के सूचना विभाग द्वारा निर्मित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी। फिल्म के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी दी गयी।

कार्यक्रम के दौरान मा0 उच्चतम न्यायालय की मा0 न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती ज्ञान सुधा मिश्रा द्वारा 18 पुलिस परिक्षेत्रीय कार्यालयों में महिला साइबर क्राइम सेल तथा 18 परिक्षेत्र के जनपदों में थाने के समकक्ष एक-एक महिला पुलिस चौकी-परामर्श केन्द्र का लोकार्पण तथा इण्डियन बैंक की सी0ई0ओ0 एवं प्रबन्ध निदेशक सुश्री पद्मजा चुन्दुरु द्वारा ‘सेफ सिटी परियोजना’ के अन्तर्गत लखनऊ सिटी में स्थापित 45 पिंक बूथ, 18 पिंक शौचालय तथा 660 स्ट्रीट लाइट का लोकार्पण एवं नवीन आशा ज्योति केन्द्र भवन का शिलान्यास किया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 04 महिलाओं-सुश्री रवि रंजना पाल अध्यक्ष जय रतनगढ़ वाली महिला स्वयं सहायता समूह, रसोई, झांसी, रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित, थारू परम्पराओं से सम्बन्धित हस्तशिल्प कला उद्योग के प्रति जनजाति महिलाओं को प्रेरित करने में विशिष्ट योगदान करने वाली जनपद लखीमपुर खीरी की श्रीमती आरती राणा, 20 कि0मी0 की वॉक में राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने तथा टोकियो ओलम्पिक के लिए क्वालिफाई करने वाली जनपद मेरठ की एथलीट सुश्री प्रियंका गोस्वामी तथा जनपद गोरखपुर की होजरी गारमेन्ट्स की उत्पादक एवं व्यवसायी सुश्री वर्षा श्रीवास्तव ने अपने अनुभव साझा किये।

मुख्यमंत्री जी ने अपने उद्बोधन की शुरुआत संस्कृत श्लोक ‘राष्ट्रस्य श्र्वः नारी अस्ति।’ अर्थात नारी राष्ट्र का भविष्य (कल) है। उन्होंने कहा कि ‘नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः। नास्ति मातृसमं त्राणं, नास्ति मातृसमा प्रपा।।’ अर्थात माता के समान कोई छाया नहीं, कोई आश्रय नहीं, कोई सुरक्षा नहीं, माता के समान इस विश्व में कोई जीवनदाता नहीं है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी संस्कृति में नवरात्रि, दीपावली, बसन्त पंचमी जैसे अनेक पर्व, त्योहार मातृ शक्ति से सम्बन्धित हैं। जिस समाज ने सदैव मातृशक्ति को सम्मान दिया है, उसी समाज में आधी आबादी के साथ बर्बर व्यवहार सोचनीय है। राज्य सरकार ने महिला सशक्तीकरण को पर्व और त्योहारों से जोड़ा है। ‘मिशन शक्ति’ को शारदीय नवरात्रि के पर्व पर प्रारम्भ किया गया। आज से मिशन शक्ति के द्वितीय चरण का शुभारम्भ हो रहा है। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘मिशन शक्ति’ का कार्यक्रम नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलम्बन के लिए है। नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन से स्वतः ही उनका सशक्तीकरण होगा। वर्तमान में भी अनेक महिलाएं अपने विशिष्ट कार्यों से यह महिलाएं समाज को राह दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में मा0 उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति मा0 श्रीमती ज्ञान सुधा मिश्रा, इण्डियन बैंक की सी0ई0ओ0 एवं प्रबन्ध निदेशक सुश्री पद्मजा चुन्दुरु सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालीं 04 महिलाएं-सुश्री रवि रंजना पाल, श्रीमती आरती राणा, सुश्री प्रियंका गोस्वामी तथा सुश्री वर्षा श्रीवास्तव सम्मिलित हो रही हैं। यह महिलाएं नारी शक्ति का प्रतीक हैं। ‘मिशन शक्ति’ कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में विशिष्ट योगदान के लिए आज 11 महिलाओं को पुरस्कृत किया गया है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार स्त्रियों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन के लिए प्रारम्भ से ही प्रतिबद्ध और संवेदनशील रही है। वर्ष 2017 में सत्ता में आने के तुरन्त बाद ही राज्य सरकार ने बालिकाओं की सुरक्षा व सम्मान के लिए सभी थानों में एण्टी रोमियो स्क्वाड की गठन की कार्यवाही की। ‘मिशन शक्ति’ के अन्तर्गत 1535 थानों और 350 तहसीलों में महिला हेल्पडेस्क स्थापित की गयी है, जो प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। शिक्षा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना का आधार बन सकती है। समाज में बालक-बालिकाओं की शिक्षा में भेद दिखता है। इसके तहत बालक को शिक्षा के लिए पब्लिक स्कूल तथा बालिका को बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में भेजने की प्रवृत्ति है। इसे समाप्त करने के लिए जनसहभागिता के आधार पर बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के कायाकल्प का कार्यक्रम संचालित कर लगभग 93 हजार विद्यालयों को पब्लिक स्कूलों की तर्ज पर विकसित किया गया है। प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें, स्कूल बैग, यूनीफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर उपलब्ध कराया जा रहा है। विगत 03 वर्षाें में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 54 लाख बढ़ी है। बालिकाओं को स्नातक तक निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गयी है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महिला अपराधों का प्रमुख कारण जागरूकता का अभाव है। महिला अपराधों के प्रति जागरूकता के लिए ‘मिशन शक्ति’ कार्यक्रम चलाया गया। महिलाओं के प्रति अपराधों को शीघ्र कार्यवाही कर नियंत्रित करने के लिए वीमेन पावर लाइन ‘1090’ को पूरे प्रदेश में क्रियाशील किया गया है। प्रदेश के सभी जनपदों में महिला हेल्पलाइन ‘181’ संचालित की जा रही है। वीमेन पावर लाइन ‘1090’ तथा महिला हेल्पलाइन ‘181’ को एकीकृत आपात सेवा ‘112’ से इण्टीग्रेट किया गया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ‘1076’ भी संचालित की जा रही है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा की गयी पुलिस भर्तियों में 20 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया। जनपद बदायूं, लखनऊ व गोरखपुर में 03 महिला पी0ए0सी0 बटालियन का गठन किया गया है। बालिकाओं के हित एवं कल्याण के लिए ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ लागू की गयी है। इसके अन्तर्गत बालिकाओं को 06 चरणों में 15 हजार रुपये उपलब्ध कराये जाते हैं। ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के तहत लाभार्थियों को 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत अब तक डेढ़ लाख जोड़ों के विवाह सम्पन्न हो चुके हैं। महिला सम्बन्धी अपराधों में त्वरित कार्यवाही के लिए 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किये गये हैं। पाक्सो अधिनियम के तहत त्वरित कार्यवाही हेतु डिस्ट्रिक्ट मॉनीटरिंग कमेटी की नियमित बैठकों के निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में महिलाओं के लिए नयी योजनाओं का प्राविधान किया गया है। महिलाओं एवं बच्चों में कुपोषण की समस्या के समाधान के लिए ‘मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना’ के संचालन की व्यवस्था की गयी है। इस योजना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रांे पर पंजीकृत 05 वर्ष तक के बच्चों तथा एनीमिया ग्रस्त 11-14 वर्ष स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाओं को अतिरिक्त पोषण प्रदान किये जाने की व्यवस्था है। एक नयी योजना ‘महिला सामर्थ्य योजना’ के क्रियान्वयन का प्राविधान भी किया गया है। इसके माध्यम से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में महिला दुग्ध उत्पादकों के स्वयं सहायता समूहों की आजीविका में वृद्धि का कार्य किया जाएगा। इसके लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना’ के अन्तर्गत आबादी में निर्मित आवासों की भूमि का स्वामित्व प्रदान करने के लिए सर्वे की कार्यवाही संचालित है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि आबादी की जमीन में स्वामित्व का अधिकार महिला सदस्य को प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के अन्तर्गत 40 लाख परिवारों को अब तक आवास दिलाया गया है। इन आवासों का मालिकाना हक भी महिलाओं को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन की दुकानों के निरस्त होने पर राशन वितरण का कार्य महिला स्वयं सहायता समूहों तथा पुष्टाहार वितरण कार्यक्रम से भी महिला स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग गतिविधियों को सुचारु व सुविधापूर्ण बनाने के लिए प्रदेश के 59 हजार ग्रामों में बी0सी0 (बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेण्ट) सखी का गठन किया गया है। इसके अन्तर्गत बी0सी0 सखी के रूप में महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। प्रशिक्षण के उपरान्त इन्हें गांवों में बैंकिंग सुविधाएं सुलभ कराने के लिए तैनात किया जा रहा है। इससे गांववासियों को धनराशि की जमा व निकासी के लिए बैंक नहीं जाना पड़ेगा। प्रदेश में 03 करोड़ 56 लाख जनधन खाताधारी हैं। कोरोना काल में इन्हें आर्थिक सहायता धनराशि प्रदान की गयी है। नारी की गरिमा व सम्मान की रक्षा के लिए राज्य में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के अन्तर्गत 2.61 करोड़ शौचालय बनाये गये हैं। 56 लाख परिवारों को ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के तहत निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन दिया गया है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री डॉ0 दिनेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलाने और उनकी सुरक्षा तथा सम्मान के लिए सतत् प्रयत्नशील है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए विभिन्न जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये गये हैं। ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ के अन्तर्गत 1200 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आज बालिकाओं के 04 इण्टर कॉलेज व 13 छात्रावासों का लोकार्पण किया जा रहा है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मा0 न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती ज्ञान सुधा मिश्रा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ जी एक विजनरी मुख्यमंत्री हैं। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रम में वे पूरी प्रतिबद्धता व ईमानदारी के साथ सम्मिलित हुए। ‘मिशन शक्ति’ के माध्यम से वे महिलाओं को वास्तविक रूप से सशक्त बनाने का कार्य कर रहे हैं। महिला पुलिस चौकियों में परामर्श केन्द्र की स्थापना की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह पुलिस चौकियां फर्स्ट एड जस्टिस के रूप में कार्य करेंगी, जिससे महिलाओं को आवश्यक और उपयोगी कानूनी सहायता मिलेगी। 

इण्डियन बैंक की सी0ई0ओ0 एवं प्रबन्ध निदेशक सुश्री पद्मजा चुन्दुरु ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि महिलाएं अत्यन्त क्षमतावान होती हैं, उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। सेफ सिटी परियोजना महिलाओं के लिए लाभकारी है। महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए महिलाओं को केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किये जा रहे सहयोग का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने प्रयागराज कुम्भ-2019 और कोविड-19 के प्रबन्धन के लिए राज्य सरकार की सराहना की। उन्होंने प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि इण्डियन बैंक के मिशन प्रेरणा के तहत इस योजना को बढ़ावा दिया जाएगा। 

कार्यक्रम के अन्त में अपर पुलिस महानिदेशक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन श्रीमती नीरा रावत ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती गुलाब देवी, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विमला बाथम, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, पुलिस महानिदेशक श्री हितेश सी0 अवस्थी, अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना श्री संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, बड़ी संख्या में महिलाएं तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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