उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के मौखिक आदेश ( तुगलकी फरमान) से चौथे स्तंभ को होना पड़ रहा है अपमानित::--


लखनऊ।उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के तुगलकी फरमान से जहां राष्ट्र/राज्य वीरता पुरूस्कार प्राप्त लोगो को निशुल्क यात्रा सुविधा से बंचित कर दिया वहीं परिचालकों द्वारा निशुल्क यात्रा कर रहे लोगो को परिचालक द्वारा मोबाइल से फोटो खीचे जाने का परिचालक द्वारा कहे जाने से आए दिन चिकचिक बाज़ी से रोष व्याप्त है।परिवहन विभाग के प्रबंध निदेशक राजशेखर जी अाई  ए एस ने जब से विभाग का कार्यभार ग्रहण किया है तब से कई सुधार किए गए है सभी कर्मचारी उनके आचरण कार्य व्यवहार के कायल है लेकिन वहीं कई अधिकारी मनमाने कार्यों से विभाग की छवि खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है।


परिवहन विभाग के अपर प्रबंध निदेशक मुख्यालय लखनऊ के आदेश पत्रांक संख्या 1541(1)सी ए सी/19- 430सी ए सी /93- lll दिनांक 30 अक्टूबर 2019 राधेश्याम अपर प्रबंध निदेशक परिवहन विभाग के आदेश 24/10/2019 को परिवहन निगम मुख्यालय लखनऊ के आदेश में सांसद,विधायक,पूर्व विधायक,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,मान्यता प्राप्त पत्रकार,दिव्यंगजनो,वरिष्ठ नागरिकों/ महिलाओं,लोकतांत्रिक सेनानी,राज्य व देश से सम्मानित शिक्षक,को सीट आरक्षित करने सम्मान पूर्वक यात्रा करने में मदद करने का निर्देश दिया लेकिन राष्ट्रीय/राज्य वीरता पुरूस्कार प्राप्त सैनिक सिपाही या अन्य को परिवहन विभाग की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा के संबंध में कोई स्पष्ट आदेश न होने से देश व राज्य वीरता पुरूस्कार से सम्मानित लोगो को निशुल्क यात्रा नहीं कर सकेंगे।जिससे वीरता प्राप्त लोगो में रोष व्याप्त है।अभी तक परिवहन विभाग से इन लोगो को निशुल्क सुविधा उपलब्ध थी।
परिवहन विभाग के नित्य नए हिटलर साही आदेश से सभी को असुविधा हो रही है।परिवहन विभाग की बसों में यात्रा करने पर परिचालक द्वारा पत्रकारों व निशुल्क सुविधा प्राप्त लोगो की मोबाइल से फोटो खीचने का मौखिक आदेश से आए दिन परिचालक को मुसीबत का सामना करना पड़ता है। तथा सभी यात्रियों के सामने पत्रकारों की फोटो खींचने से चौथे स्तम्भ को अपमानित होना महसूस होरहा है परिवहन विभाग की बसों में निशुल्क यात्रा के लिए वी अाई पी सीट पहले से बुक करने के लिए एक अलग से नंबर दिया गया था उसी पर सीट आरक्षित होजाती थी लेकिन अब क्षेत्रीय सहायक प्रबंधक के नंबर पर फोन करके या व्हाट्सअप करके लिखना होता है लेकिन उक्त नंबर अक्सर जल्दी उठता ही नहीं है जिससे लोगो को असुविधा होती है।


कुल मिलाकर परिवहन विभाग के एक आदेश से वीरता पुरूस्कार से सम्मानित अपनी वीरता से कई लोगो की जान बचाने वाले लोगो को सबिधा विहीन कर दिया गया जबकि पिछली सरकार तक अभी तक ये सुविधा इन लोगो को मिलती थी।प्रबंध निदेशक राजशेखर के लगातार सुधार कार्यक्रम को कुछ अधिकारी उनके किए कराए पर पानी फेर रहे 


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अपनी निडरता और क्षत्रिय वंश के कारण की यदुवंशीयों का नाम 'अहीर' यादव.