:ब्रेकिंग:--👉👉मुख्यमंत्री ने सन्त रविदास जयन्ती के अवसर पर सन्त रविदास मन्दिर, कृष्णा नगर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की::==पढे विस्तार से खबर

 

सन्त रविदास जयन्ती और माघी पूर्णिमा की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं मुख्यमंत्री ने सन्त रविदास मन्दिर के सौन्दर्यीकरण की योजना बनाकर प्रस्तुत करने के लिए कहा 645 वर्ष पूर्व महान सन्त रविदास जी का प्राकट्य हुआ था, जिन्होंने काशी की धरती पर जन्म लेकर भारत के सनातन धर्म की परम्परा को नयी ऊँचाइयां दीं: मुख्यमंत्री

सन्त रविदास जी का जीवन चरित्र हम सबको प्रेरणा प्रदान कर्ता प्रदेश सरकार द्वारा सन्त रविदास जी की काशी स्थित जन्मस्थली का सौन्दर्यीकरण कराया जा रहा, भारतीय मनीषा ने धर्म को कर्तव्य माना, जिसकी जीती जागती प्रतिमूर्ति सन्त रविदास जी हैं सन्त रविदास जी ने कहा था कि मन चंगा तो कठौती में गंगा, यदि हम अन्तःकरण से शुद्ध हैं, तो साधना का प्रतिफल भी उसी रूप में प्राप्त होता है, सन्त रविदास जी ने जीवनपर्यन्त पाखण्डों का सामना करते हुए सनातन धर्म को मजबूती प्रदान करने का कार्य किया

लखनऊ: 27 फरवरी, 2021

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां सन्त रविदास जयन्ती के अवसर पर सन्त रविदास मन्दिर, कृष्णा नगर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने सभी को सन्त रविदास जयन्ती और माघी पूर्णिमा की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कैण्ट विधायक श्री सुरेश चन्द्र तिवारी से सन्त रविदास के इस मन्दिर के सौन्दर्यीकरण की योजना बनाकर प्रस्तुत करने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 645 वर्ष पूर्व महान सन्त रविदास जी का प्राकट्य हुआ था, जिन्होंने काशी की धरती पर जन्म लेकर भारत के सनातन धर्म की परम्परा को नयी ऊँचाइयां दीं। श्रद्धेय अटल जी कहा करते थे कि आदमी न छोटा होता है, न बड़ा होता है, न ऊंचा होता है, न नीचा होता है, आदमी तो सिर्फ आदमी होता है। यह भाव हम सब इस रूप में देख रहे हैं कि व्यक्ति अपने कर्माें के माध्यम से कैसे महानता हासिल करता है और कैसे लोकपूज्य हो सकता है। सन्त रविदास जी का जीवन चरित्र हम सबको इस बात की प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा काशी स्थित सन्त रविदास जी की जन्मस्थली का सौन्दर्यीकरण कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारतीय मनीषा ने धर्म को कर्तव्य माना है और उसकी जीती जागती प्रतिमूर्ति सन्त रविदास जी हैं। रविदास जी ने कहा था कि मन चंगा तो कठौती में गंगा। यदि हम अन्तःकरण से शुद्ध हैं, तो साधना का प्रतिफल भी उसी रूप में प्राप्त होता है। सन्त रविदास जी ने जीवनपर्यन्त तमाम प्रकार के पाखण्डों का सामना करते हुए सनातन धर्म को मजबूती प्रदान करने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सन्त रविदास सेवा समिति लखनऊ द्वारा विगत 83 वर्षाें से सन्त रविदास जी की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने में मददगार सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि महान सन्त के आदर्शाें से प्रेरणा ग्रहण करके हम सब अपने देश और समाज के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह, लखनऊ की महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, मण्डलायुक्त लखनऊ श्री रंजन कुमार, जिलाधिकारी लखनऊ श्री अभिषेक प्रकाश सहित मन्दिर के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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