:ब्रेकिंग:--👉🏻👉🏻👉🏻विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध डिग्री कालेजों की संख्या निर्धारित की जाये::===श्रीमती आनंदीबेन पटेल


राज्यपाल के समक्ष उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन हेतु की गई कार्यवाही का प्रस्तुतिकरण हुआ--राज्यपाल ने कहा प्रस्तुतिकरण सराहनीय क्रियान्वयन किया जाए--विश्वविद्यालयों के वर्षवार पाठ्यक्रमों में विषयगत समानता सुनिश्चित की जाए--नई शिक्षा नीति के तहत लागू बदलावों का विश्वविद्यालयों में भौतिक सत्यापन हो--विश्वविद्यालयों में लेखा विवरण तथा एकाउन्टेंसी को व्यवस्थित कराया जाए--

एसेट रजिस्टर आवश्यक रूप से अद्यतन रखा जाए-विवरणों के आनलाइन अंकन नियमित किए जाए-विश्वविद्यालय में लम्बित डिग्रियों को शीघ्र वितरित कराया जाए---समन्यवयात्मक पाठ्यक्रमों को प्रारम्भ करने में रूचि लें-----कक्षा एक में पढ़ने वाले विद्यार्थी को नामांकित मानकर उच्च शिक्षा तक ड्राप आउट चेक करें-डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय अपनी योजनाओं का धरातलीय निरूपण करे--संगीत की शिक्षा को मुख्य धारा में शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों के लिए विषय चयन के साथ जोड़ने पर विचार किया जाये

---भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को यथाशीघ्र क्रियान्वित करने हेतु प्रदेश सरकार कृत संकल्प--नई शिक्षा नीति को लागू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य-डा0 दिनेश शर्मा

लखनऊ : 11 अगस्त, 2021

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के समक्ष आज यहां राजभवन स्थित सभाकक्ष में उप मुख्यमंत्री तथा माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा मंत्री डा0 दिनेश शर्मा के नेतृत्व में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन हेतु की गई कार्यवाही का प्रस्तुतिकरण किया गया। राज्यपाल ने प्रस्तुतिकरण की सराहना की और कहा इसका क्रियान्वयन किया जाए।

राज्यपाल के समक्ष नई शिक्षा नीति को लेकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इसके क्रियान्वयन की तैयारियों के तीन प्रस्तुतिकरण हुए। उच्च शिक्षा विभाग के साथ-साथ डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा भातखण्डे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय, लखनऊ ने भी अपने प्रस्तुतिकरण किए। राज्यपाल ने बैठक में निर्देश दिया कि नई शिक्षा नीति के अनुसार पाठ्यक्रम नियोजित करते समय सभी विश्वविद्यालयों के वर्षवार पाठ्यक्रमों में विषयगत समानता सुनिश्चित कर ली जाए, जिससे माइग्रेट करने वाले छात्रों को विषय ज्ञान में दोहराव अथवा हानि न हो। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत लागू बदलावों का विश्वविद्यालयों से भौतिक सत्यापन भी करें और यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि वहां व्यवस्था को लागू करा दिया गया है।

राज्यपाल ने वर्तमान में विश्वविद्यालयों में चल रही लेखा व्यवस्था पर असन्तोष व्यक्त करते हुए लेखा विवरण तथा एकाउन्टेंसी को व्यवस्थित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के वित्ताधिकारी को विश्वविद्यालय के सभी खातों, उनमें उपलब्ध राशि, आय-व्यय की जानकारी अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में एसेट रजिस्टर को अनिवार्य रूप से बनाए जाने और उसे अद्यतन रखने का निर्देश दिया।

राज्यपाल ने कहा कि ये सुनिश्चित किया जाए कि विश्वविद्यालय अपने विवरण के आनलाइन अंकन को नियमित रखें। ज्ञात हो इस संदर्भ में विश्वविद्यालय द्वारा पचपन फार्मों में प्रति माह अपने विवरण आनलाइन प्रस्तुत करने की व्यवस्था दी गई है। राज्यपाल ने कहा कि इस व्यवस्था से विश्वविद्यालय के नैक मूल्यांकन हेतु प्रस्तुतिकरण की तैयारी बेहतर हुई है।

विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों हेतु धनावंटन के उपरान्त निर्माण एजेंसियों द्वारा निर्माण कार्यों को विलम्ब से प्रारम्भ करने की उनकी कमी पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल ने कहा कि धनावंटन के बाद निर्माण कार्यों की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा आवश्यक रूप से करके कार्यों को समयबद्ध पूर्ण कराया जाये। 

राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने अन्य राज्यों में विश्वविद्यालयों द्वारा समन्वय करके शिक्षा को उपयोगी शोध एवं ज्ञान से जोड़ने के उदाहरण देकर कहा प्रदेश के विश्वविद्यालय आपस में एम0ओ0यू0 करके विविधता पूर्ण विषयों को समन्वय से पूर्ण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के समन्वय से जो उपलब्धि प्राप्त होगी, वह उपयोगी हो सकती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और तकनीकी का समन्वय बेहद उपयोगी और सराहनीय है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को समन्वयात्मक पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने में रूचि लेने को कहा। राज्यपाल ने बैठक में विश्वविद्यालयों में लम्बित डिग्रियों को वितरित कराने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कक्षा एक में पढ़ने वाले विद्यार्थी को नामांकित मानकर उच्च शिक्षा तक ड्राप आउट चेक करने को कहा। 

राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय को नई शिक्षा नीति हेतु अपने प्रस्तुतिकरण की योजनाओं का धरातलीय निरूपण करने का निर्देश दिया। उन्होंने भातखण्डे संगीत संस्थान के मुख्य शिक्षण के विद्यार्थियों हेतु संगीत को विषय चयन के साथ जोड़ने पर विचार करने को कहा। उन्होंने विश्वविद्यालयों के साथ सम्बद्ध कालेजों की अधिकतम संख्या को भी निर्धारित करने का निर्देश दिया।

बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री डा0 दिनेश शर्मा ने कहा कि भारत सरकार की इस महत्तवाकांक्षी नीति को यथाशीघ्र क्रियान्वित करने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार कृत संकल्प है।

उन्होंने राज्यपाल जी को बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रदेश में क्रियान्वयन हेतु बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्राविधिक/व्यावसायिक शिक्षा तथा उच्च शिक्षा विभाग को सम्मिलित करते हुए 15 सदस्यीय समेकित टास्क फोर्स का गठन, सभी विभागों में अलग-अलग स्टीयरिंग कमेटी का गठन, माह अगस्त, 2020 से इनकी निरन्तर वर्चुअल बैठक एवं वेबिनार का आयोजन, टास्क फोर्स की बैठकों के द्वारा अल्पकाल में उच्च शिक्षा के छात्रों के लिए प्रदेश में न्यूनतम समान पाठ्यक्रम को लागू करना, शोध, अनुसंधान, नवाचार को प्रोत्साहन देते हुए उच्च शिक्षण संस्थानों को स्वायत्ता प्रदान किया जाना तथा अधिकांश विश्वविद्यालयों की बोर्ड आफ स्टडीज के माध्यम से पाठ्यक्रमों में आवश्यक संशोधन सुनिश्चित करते हुये इसे शैक्षिक सत्र 2021-22 से लागू किये जाने की कार्यवाही सम्पन्न करायी गयी है। राज्य विश्वविद्यालयों से यह भी अपेक्षा की गयी है कि कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाये। सभी राज्य/निजी विश्वविद्यालयों द्वारा इस दिशा में कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। 

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार किये गये न्यूनतम समान पाठ्यक्रम एवं “च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम (सी0बी0सी0एस0)” पर आधारित सेमेस्टर सिस्टम को सत्र 2021-22 से लागू करने की तैयारियों लगभग पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश वास्तविक धरातल पर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाला देश का पहला राज्य है।

राज्यपाल की अध्यक्षता में सम्पन्न इस बैठक में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती नीलिमा कटियार, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल श्री महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव सुश्री मोनिका एस0 गर्ग, अपर मुख्य सचिव श्री हेमन्त राव, विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) राज्यपाल डा0 पंकज जॉनी, प्रमुख सचिव श्री मुकेश मेश्राम सहित समस्त सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे। 


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